पेशाब से बवासीर का इलाज कैसे होता है?

क्या पेशाब से बवासीर का इलाज संभव है? अगर यही आपका प्रश्न है तो उत्तर पाने के लिए आप सही जगह पर आए हैं।

बवासीर गुदा क्षेत्र की नसों का सूजन है। इसके 4 ग्रेड होते हैं। ग्रेड बढ़ने के साथ दर्द, मस्सों का गुदा के बाहर निकलना, खून समेत आदि लक्षण भी बढ़ने लगते हैं। यह इतना दर्दनाक हो जाता है कि आपको सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

कुछ लोग गोमूत्र को बवासीर का इलाज के लिए बेहतर बताते हैं। तो चलिए जानते हैं कि मनुष्य का पेशाब या गोमूत्र बवासीर में कितना प्रभावशाली है।

पेशाब से बवासीर का इलाज

मनुष्य के पेशाब में 95% पानी मौजूद होता है। बचे हुए 5 प्रतिशत में यूरिया, यूरिक एसिड, पोटैशियम, फॉस्फेट और अन्य तत्व मौजूद होते हैं।

आपने डॉक्टर को यह कहते हुए सुना होगा कि पर्याप्त पानी पीना बवासीर के लिए अच्छा है। क्या ये कहते भी सुना है कि पेशाब में 95% पानी होता है, इसलिए यह बवासीर को ठीक कर सकता है?

जवाब सीधा न है। मनुष्य का पेशाब बवासीर का इलाज नहीं कर सकता है। ह्यूमन यूरिन अगर पाइल्स वाले क्षेत्र पर लगाते हैं तो इसके कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

पेशाब में पानी के साथ यूरिया और शरीर की गंदगी भी होती है। अगर पीना ही है तो साफ़ और स्वच्छ पानी पी लीजिए।

ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है मगर पानी की इतनी ज्यादा किल्लत नहीं मची है कि आपको पेशाब पीना पड़े। खासकर तब जब आप बवासीर से जूझ रहे हैं।

गोमूत्र से बवासीर का इलाज

गाय के मूत्र से बवासीर का इलाज कैसे होता है, इसके दावों पर गौर कीजिए:

  • गोमूत्र पीने से बवासीर के घाव सूखने लगते हैं।
  • इसे बवासीर के मस्सों पर लगाने से मस्से सूख जाते हैं।
  • हरड को गोमूत्र में भिगोकर खाने से बवासीर का इलाज होता है।

इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है। गोमूत्र बवासीर का इलाज करने में सक्षम नहीं है। आपको यह समझना होगा कि मूत्र शरीर की गंदगी समेटे होता है। इसे पीना या मस्सों पर लगाने से समस्या कम नहीं होगी।

इस पर कई शोध हो चुके हैं और वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं- पेशाब या गोमूत्र से बवासीर का इलाज नहीं किया जा सकता है।

पेशाब से बवासीर का इलाज करने के साइड इफेक्ट

अगर बवासीर के मस्सों पर पेशाब लगाते है या इसका सेवन करते हैं तो निम्न नुकसान हो सकते हैं:

  • संक्रमण- यदि आपको बवासीर है तो आपके गुदा में पहले से ही संक्रमण हो रखा है। मूत्र पीने या ऊपर से उपयोग करने से संक्रमण और भी बदतर हो सकता है।
  • किडनी फेलियर- किडनी शरीर के लिए एक फ़िल्टर की तरह कार्य करती है। यह भोजन या पानी में मौजूद अपशिष्ट और जहरीले पदार्थों को अलग करके, स्वस्थ और लाभकारी पोषक तत्वों को खून में भेजती है। पेशाब में मौजूद टॉक्सिक किडनी फेलियर का कारण बन सकते हैं।
  • पाचन की समस्या- पेशाब या गोमूत्र में मौजूद जहरीले पदार्थ पेट दर्द, अपच का कारण बन सकते हैं।

बवासीर का सफल और सुरक्षित इलाज

पेशाब पीने या लगाने का शौक छोड़ दीजिए। बवासीर का सफल इलाज चाहते हैं तो डॉक्टर के पास जाएं और जरूरी दवाइयों का सेवन करें।

ग्रेड तीन या चार की बवासीर को ठीक करने के लिए सर्जरी सबसे अच्छा तरीका होता है।

बवासीर को चिकित्सक की सलाह अनुसार घर पर ही जड़ से खत्म कर सकते हैं। इसके लिए निम्न बातों का पालन करें:

  • अपने मल को नरम रखने के लिए ढेर सारा तरल पदार्थ पिएं और फाइबर का भरपूर सेवन करें।
  • मस्से बाहर निकले हुए हैं तो धीरे से अंदर धकेले।
  • गुदा को साफ और सूखा रखें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • खुजली और दर्द को कम करने के लिए गर्म पानी से नहाएं।
  • कब्ज से बचने के लिए शराब और कैफीन (जैसे चाय, कॉफी और कोला) का सेवन कम करें।

निष्कर्ष

बवासीर को जड़ से खत्म करना है तो डॉक्टर से इलाज करवाएं। इंटरनेट में पढ़े हुए उपायों को बिलकुल न आजमाएं। पेशाब पाइल्स को ठीक करता है इसका कोई साइंटिफिक प्रमाण नहीं है।

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