ओवुलेशन क्या होता है? – Ovulation Ke Lakshan

एक शोध के मुताबिक़ ज्यादातर महिलाओं को उनके पीरियड्स और ओवुलेशन साइकिल के बारे में जानकारी नहीं होती है। संभोग करने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि आपका शरीर गर्भधारण के लिए पूर्ण रूप से तत्पर है या नहीं। इसके लिए ओवुलेशन और ओवुलेशन साइकिल की सटीक जानकारी होना आवश्यक है।

अगर महिला को उसका ओवुलेशन साइकिल पता है तो वह आसानी से गर्भवती हो सकती है या गर्भधारण से बच सकती है।

ओवुलेशन क्या होता है?

एक निश्चित उम्र के बाद हर महिला गर्भधारण के लिए तैयार हो जाती है और उसे पीरियड्स आने लगते हैं। प्रत्येक मासिक धर्म चक्र में, हर महीने, प्रजनन हार्मोन अंडाशय को अंडे बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसमें सबसे बड़ी भूमिका FSH (Follicle-Stimulating Hormone) निभाता है। यह इस पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करता है और अंडाशय को स्वस्थ अंडे बनाने में मदद करता है।

अंडाशय परिपक्व और अपरिपक्व (Mature and Immature) अंडो का निर्माण करता है। अपरिपक्व अंडे प्रजनन हारमोंस का विरोध करते हैं, इसके बावजूद अंडाशय हर महीने एक परिपक्व अंडा रिलीज कर देता है। एग रिलीज होने को ही ओवुलेशन कहते हैं। हिंदी में इसे डिंबोत्सर्जन कहा जाता है।

ओवुलेशन के बाद क्या होता है?

ओवुलेशन के बाद प्रजनन हार्मोन रिलीज हो चुके अंडे को निर्देश देते हैं कि उसे आगे क्या करना है। साथ ही गर्भाशय को गर्भधारण के लिए तैयार रहने का संकेत देते हैं। संकेत प्राप्त होने के बाद गर्भाशय अपनी बाहरी परतों को मोटा कर लेता है। अंडाशय से मुक्त होने के बाद अंडा फैलोपियन ट्यूब में 24 घंटे तक रहता है। अंडा पुरुष के वीर्य का इंतजार करता है। इस 24 घंटे के भीतर अगर उसे शुक्राणु मिल जाता है तो निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया शुरू होती है। निषेचित होने के बाद शुक्राणु सेल्स को युग्मनज (Zygote) कहते हैं।

जाइगोट फैलोपियन ट्यूब के बाद गर्भाशय में जाता है जहाँ भ्रूण का विकास होता है। इस प्रकार ओवुलेशन के बाद फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया के बाद महिला गर्भवती हो जाती है।

ओवुलेशन पीरियड क्या होता है?

ओवुलेशन के शुरू होने और खत्म होने के बीच के दिनों को ओवुलेशन पीरियड कहते हैं। ओवुलेशन पीरियड मासिक धर्म चक्र के खत्म होने के लगभग सात दिनों बाद से शुरू होता है और मासिक धर्म चक्र के सात दिन पहले खत्म हो जाता है। ओवुलेशन पीरियड में महिला का शरीर सबसे ज्यादा फर्टिलाइज होता है, अर्थात इस अवधि में गर्भधारण के चांसेस बहुत ज्यादा रहते हैं।

हर महिला का ओवुलेशन पीरियड अलग-अलग हो सकता है। जिन महिलाओं के मासिक धर्म चक्र की अवधि 28 दिनों की होती है, उन्हें 14वें दिन में ओवुलेशन होता है। आमतौर पर देखा जाए तो ओवुलेशन मौजूदा मासिक धर्म चक्र के 10वें और 19वें दिनों के बीच होता है और अगले चक्र से 12-16 दिन पहले।

आप अपने पीरियड साइकिल के हिसाब से ओवुलेशन टाइम का अंदाजा लगा सकती हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपकी पीरियड साइकिल महीने की एक तारीख से लेकर 28 तारीख, यानी 28 दिनों की है तो उसका आधा होगा 14 दिन। 14 तारीख के चार दिन पहले और चार दिन बाद ओवुलेशन हो सकता है, मतलब 10वें और 19वें दिन के बीच में कभी भी। यह आपका ओवुलेशन पीरियड या साइकिल कहलाता है।

ओवुलेशन के लक्षण

ओवुलेशन के दौरान कुछ हार्मोन अधिक सक्रिय हो जाते हैं और शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। अंडाशय ओवुलेशन की प्रक्रिया में संलग्न है या नहीं, इसका पता कुछ लक्षणों द्वारा लगाया जा सकता है। ओवुलेशन के यह लक्षण होते है:

  • सर्वाइकल म्यूकस में बदलाव- सर्वाइकल म्यूकस गर्भाशय ग्रीवा से निकलने वाला एक चिपचिपा पदार्थ है। इसे ग्रीवा श्लेम भी कहते हैं। यह म्यूकस स्पर्म को सुरक्षा प्रदान करता है। महिला के शरीर में प्रवेश करने के बाद वीर्य, जब तक फैलोपियन ट्यूब में नहीं पहुंचता, तब तक सर्वाइकल म्यूकस उसे प्रोटेक्ट करता है।

ओवुलेशन के समय सर्वाइकल म्यूकस में बदलाव देखने को मिलता है। यह पहले से अधिक चिपचिपा हो जाता है और इसका रंग कच्चे सफ़ेद अंडे जैसा हो जाता है।

  • श्रोणि में दर्द- ओवुलेशन पीरियड शुरू होने पर महिला के पेल्विक फ्लोर में तेज दर्द होने लगता है। पेट के निचले हिस्से में दर्द होना ओवुलेशन का सबसे ख़ास लक्षण है।
  • पल्स रेट बढ़ता है- महिला का पल्स रेट बढ़ सकता है। फर्टाइल विंडो की शुरुआत से लेकर ओवुलेशन खत्म होने तक पल्स रेट में वृद्धि देखी जाती है।
  • आकर्षित करने वाली गंध- ओवुलेशन के दौरान महिलाओं के शरीर की गंध पुरुषों को आकर्षित करती है। महिलाओं के शरीर की गंध आम दिनों से ज्यादा सुखद और खुशबूदार हो जाती है।
  • स्पॉटिंग- महिला को ओवुलेशन पीरियड के दौरान हल्की स्पॉटिंग हो सकती है। हालांकि यह लक्षण बहुत कम देखा जाता है। यह एक सामान्य लक्षण है जिससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। तरल हल्के भूरे और गुलाबी रंग का होता है।
  • बीबीटी- जब ओवरी अंडा मुक्त करता है तो शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल तेजी से बढ़ने लगता है। इस कारण महिला के शरीर के तापमान में बढ़ोतरी होती है। इस स्थिति को बेसल बॉडी टेम्परेचर (BBT) कहते हैं।

अगर ओवुलेशन नहीं हो रहा तो?

अगर महिला के पीरियड मिस हो रहे हैं या समय पर नहीं हो रहे तो इसका मतलब ओवुलेशन सही समय पर नहीं हो रहा है। ओवुलेशन पर हमारी जीवनशैली, डाइट और सोच का असर भी पड़ता है। महिला गलत खान-पान करती है या स्ट्रेस लेती है तो ओवुलेशन देर से आ सकता है और पीरियड भी मिस हो जाते हैं।

पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) महिलाओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है जो ओवुलेशन की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसके लक्षणों में चेहरे या शरीर में बाल उगना, हार्मोनल चेंजेस या इनफर्टिलिटी शामिल है।

एमेनोरिया रोग के कारण भी ओवुलेशन की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसलिए अगर समय पर पीरियड्स नहीं आ रहे हैं तो शीघ्र ही डॉक्टर से मिलना चाहिए।

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