जीरा के 10 स्वास्थ्य लाभ और नुकसान

रायते में मिक्स भुने जीरे का स्वाद आप सब ने जरूर लिया होगा। जीरा प्रत्‍येक भारतीय रसोई में व्‍यंजनों का स्वाद बढ़ाने के काम आता है। जीरा उत्पादन का नेटिव प्लेस मध्य-पूर्व एशिया है। एशिया से यह लगभग विश्व के सभी देशों में फैल गया और इसकी खेती की जाने लगी।

क्यूमिन एक पौधा है, जिसका साइंटिफिक नाम ‘क्यूमिन सिमिनेम’ (Cuminum cyminum L) है। क्यूमिन की पैदावार गर्म स्थानों में, रेतीली या दोमट मिट्टी में होती है। इसमें सफेद, छोटे, लंबे फल लगते हैं जिसे जीरा कहा जाता है। इसका उपयोग मसाले के रूप में और कई प्रकार की दवाइयां बनाने में होता है। 

जीरा दो प्रकार का होता है- सफेद जीरा और काला जीरा। काले रंग के जीरे को शाह जीरा भी कहा जाता है। शाह जीरा का यूनानी औषधियों में विशेष उपयोग होता है। काला जीरा और सफ़ेद जीरा के फायदे लगभग एक समान ही होते हैं।

जीरे की तासीर गर्म होती है, स्वाद तीखा और कसैला होता है। पचाने में हल्का और पाचन तंत्र को सपोर्ट करता है। यह अच्छा एंटीऑक्सीडेंट भी है। तो आइए आज हम जीरा के पोषक तत्व, इसे खाने के फायदे और नुकसान के बारे में जानते हैं।

जीरा के पोषक तत्व – Cumin Nutrients In Hindi

जीरा में एरोमेटिक कंपाउंड ‘क्यूमिनेल्डिहइड’ पाया जाता है, जो इसकी विशेष गंध का जिम्मेदार है। यह जिंक, पोटैशियम, मैग्निशियम, कैल्शियम, सेलेनियम, आयरन, कॉपर जैसे खनिज या मिनरल्स का बेस्ट सोर्स है।

जीरा में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की मात्रा कुछ इस प्रकार है:

पोषक तत्वपोषण मूल्य (nutrition value)
ऊर्जा375 किलो कैलोरी
कार्बोहाइड्रेट44.24 ग्राम
प्रोटीन17.8 ग्राम
फैट22.27g
कोलेस्ट्रॉल0 मिलीग्राम
डाइटरी फाइबर10.5 ग्राम
फोलेट10 माइक्रोग्राम
नियासिन4.58 मिलीग्राम
पाइरिडोक्सिन0.435 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.32 मिलीग्राम
थायमिन0।628 mg
विटामिन A1270 आईयू
विटामिन C7.7 मिलीग्राम
विटामिन E3.3 मिलीग्राम
विटामिन K5.4 माइक्रोग्राम
सोडियम1788 मिलीग्राम
पोटैशियम68 मिलीग्राम
कैल्शियम931 मिलीग्राम
कॉपर0.867 मिलीग्राम
आयरन66.36 मिलीग्राम
मैग्नीशियम366 मिलीग्राम
मैंगनीज3.3 मिलीग्राम
फॉस्फोरस499 मिलीग्राम
जिंक4.8 मिलीग्राम
कैरोटीन-ß762 माइक्रोग्राम

जीरा खाने के फायदे – Jeera Ke Fayde In Hindi

कई पीढ़ियों से लोग जीरे का उपयोग पेट संबंधी रोग, त्वचा संबंधी रोग, किडनी रोग और ब्लैडर की पथरी में करते आ रहे हैं। आधुनिक अध्ययनों ने भी पुष्टि की है कि जीरा पाचन क्रिया को बढ़ावा देता है और खान-पान से जुड़े संक्रमण को कम करता है।

कुछ साइंटिफिक शोध के आधार पर सिद्ध हो गया है कि जीरा खाने के गजब फायदे होते हैं, जो इस प्रकार हैं:

कोलेस्ट्रॉल को सुधारता है

एक अध्ययन में पाया गया कि 75 मिलीग्राम जीरा, दिन में दो बार, आठ सप्ताह तक लेने से अस्वस्थ ब्लड ट्राइग्लिसराइड्स (unhealthy blood triglycerides) का स्तर कम होता है।

बैड कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (LDL) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। लगातार डेढ़ महीने तक जीरा का सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर में लगभग 10% तक कमी आती है।

ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने के लिए जीरा को छांछ के साथ लेना चहिए। इसके अलावा आप जीरा पाउडर को दही में मिलाकर खा सकते हैं।

कैंसर को बढ़ने से रोकता है:

जब शरीर में सेल्स अनियंत्रित हो जाते हैं और असामान्य रूप से बढ़ते हैं तब कैंसर विकसित होता है। कैंसर युक्त कोशिकाओं के संग्रह को ट्यूमर कहते हैं। जानवरों पर हुए अध्ययन में पाया गया कि जीरा कई प्रकार के ट्यूमर को रोकने में सक्षम है।

यह जानवरों में पेट, लिवर और आंत के कैंसर से लड़ता है। हालांकि, मनुष्यों में यह कैंसर को रोकने में मददगार है या नहीं, इसपर जांच की आवश्यकता है।

फूड प्वाइजनिंग में है लाभदायक

जीरे में एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है जो विशेषकर पेट में पलने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करता है। यह फूड प्वाइजनिंग के लिए जिम्मेदार ईकोलाई बैक्टीरिया को भी बढ़ने से रोकता है।

माइल्ड किस्म का फूड प्वाइजनिंग, जिससे पेट में गैस बन रही हो, का इलाज आधा कच्चा और आधा भुना जीरे के पाउडर से हो जाता है।

वजन कम करता है

जो लोग वजन कम करना चाहते हैं जीरा उनके लिए मददगार साबित हो सकता है। एक शोध में वजन कम करने वाली दवा और जीरा को लेकर अध्ययन हुआ।

8 सप्ताह बाद अध्ययन में पाया गया कि जीरा ने वजन घटाने वाली दवाओं जैसा कार्य किया। जिन लोगों ने जीरा का सेवन किया उनमें इन्सुलिन का स्तर भी कम हुआ था। इसकी तासीर गर्म होती है जिससे शरीर में जमा वसा कम होने लगती है। यह बेली फैट को तेजी से कम करता है।

डायबिटीज पेशेंट के लिए फायदेमंद

ब्लड यूरिया की बढ़ोतरी इंसुलिन को ढंग से काम नहीं करने देती है। जीरा खाने से ब्लड यूरिया का स्तर कम होता है।

2017 में, टाइप 2 मधुमेह रोगियों पर एक अध्ययन हुआ, जिसमें प्रत्येक रोगी को 50-100 मिलीग्राम जीरा के तेल का सेवन करने को कहा गया। आठ सप्ताह बाद पाया गया कि सभी रोगियों का ब्लड शुगर लेवल कम है।

हालांकि, डायबिटीज रोगी को जीरा के सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

आंत की बीमारी में लाभदायक

आंतों की संवेदनशीलता, जिसे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) भी कहते हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह एक प्रकार का संग्रहणी रोग है। इसमें भोजन करते ही पेट में दर्द, उफान और गैस बनती है। तुरंत बाथरूम जाने की जरूरत पड़ जाती है। 

एक अध्ययन में पाया गया कि जीरा का सेवन करने से IBS से जूझ रहे रोगियों की स्थिति में सुधार आता है। केवल चार सप्ताह के भीतर पेट में दर्द और सूजन जैसे लक्षण कम होने लगते हैं।

मट्ठा में थोड़ी मात्रा में जीरा मिलाकर पीने से आंतों को विशेष राहत मिलती है। आयुर्वेदाचार्य लोग IBS को दूर करने के लिए मट्ठा कल्प विधि को अपनाते हैं।

पाचन को बेहतर करता है

जीरा में जिंक पाया जाता है जो कई पाचक एंजाइम के निर्माण के लिए आवश्यक है। यही कारण है कि यह एक बढ़िया डाइजेस्टिव एंजाइम के रूप में काम करता है। इसके अलावा इसमें ‘विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन सी, विटामिन ई और विटामिन ए भी मौजूद होता है, यह सभी विटामिन पाचन क्रिया में मददगार हैं।

जीरे में मौजूद रसायन आंतों की क्रियाशीलता को बढ़ा देते हैं, और पाचक रसों का सही ढंग से रिसाव होने लगता है।

पेट फूलने की बीमारी को ठीक करता है

जीरा में कई ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो पेट में गैस नहीं बनने देते। यह एक अच्छे वायुरोधी का कार्य करता है और पेट की गैस को बाहर निकालने में मददगार होता है।

याददाश्त बढ़ाता है

जीरा में मौजूद फाइटोकेमिकल्स माइंड स्ट्रेस को कम करते हैं। एक अध्ययन के आधार पर निष्कर्ष निकला है कि जीरा के एंटीऑक्सीडेंट तनाव को कम करने में कारगर हैं। इसमें विटामिन सी से बेहतर एंटीऑक्सीडेंट होते हैं।

जीरा खाने से याददाश्त भी बढ़ती है। जीरे के सत्व का उपयोग कई मस्तिष्क रोगों के लिए किया जाता है।

ड्रग्स से छुटकारा दिलाता है

चूहों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि जीरा के घटक ड्रग्स के प्रभाव को कम करते हैं। ओपियोइड नशीले पदार्थ दिमाग को अपने नियंत्रण में लेकर ड्रग्स की लालसा को बढ़ा देते हैं, और यह निरंतर बढ़ती ही जाती है। जीरा इसी लालसा को रोकता है और ड्रग्स के लक्षणों को कम करता है।

हालांकि, इंसानों में जीरा का यह प्रभाव उपयोगी होगा या नहीं इसपर अधिक गहन शोधों की आवश्यकता है।

जीरा खाने के नुकसान – Jeera Ke Side Effect In Hindi

आमतौर पर जीरे का उपयोग सुरक्षित होता है लेकिन कुछ लोगों को इससे से एलर्जी हो सकती है। इसका इस्तेमाल करने के पहले यह सुनिश्चित करें कि आपको जीरा से एलर्जी तो नहीं है।

एक अध्ययन से पता चला है कि जीरा का सत्व जी मिचलाना, चक्कर आना, उल्टी, पेट में दर्द जैसी शिकायत पैदा कर सकता है। यदि आपको यह समस्याएँ होती हैं तो इसका सेवन करना बंद करें और अपने डॉक्टर से मिलें।

आजकल जीरा में मिलावट भी होती है। मिलावटी जीरे का सेवन कई बीमारियों को जन्म दे सकता है। डायबिटीज या अन्य गंभीर रोग है तो इसका सेवन अपने डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

निष्कर्ष

जीरा एक अच्छा डाइजेस्टिव मसाला है जिसका उपयोग करने से पाचन संबंधी रोगों मे लाभ मिलता है। आपको एक दिन में 300 से 600 मिलीग्राम जीरा खाना चाहिए। मिलावटी जीरे से बचें, शुद्ध जीरा की पहचान करें। विश्वसनीय ब्रांड का जीरा ही खरीदें।

जीरा का उपयोग आप सब्जी में, पानी के साथ उबालकर, भूनकर या तरह-तरह के व्यंजनों में मिक्स करके, कर सकते हैं।

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